Akbar Birbal Ki Kahaniya In Hindi : दोस्तों जब इतिहास में बात चतुराई से समस्याओं को सुलझाने की बात आती है तो भला बीरबल को कैसे भुला जा सकता है। इसलिए जहां पर भी चतुराई, हाजिर-जवाबी और बुद्धिमत्ता की बात आती है तो बीरबल ( जो की बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक थे ) का नाम सबसे पहले लिया जाता है। बादशाह अकबर हमेशा बीरबल की चतुराई की परीक्षा लेने के लिए अक्सर उनसे पेचीदा सवाल जवाब करते रहते थे और बीरबल हमेशा बादशाह अकबर को अपने जवाब से उनकी प्रशंशा करने के लिए मजबूर कर देते थे। इसलिए बीरबल बादशाह अकबर के सभी नवरत्नों में से सबसे ज्यादा लोकप्रिय होने के साथ – साथ बादशाह अकबर के प्रिये भी थे।

अकबर और बीरबल की कहानियां (Akbar Birbal Ki Kahaniya In Hindi) बहुत ही प्रसिद्ध है, जो हर किसी को हैरान करने के साथ साथ हंसाती भी है और अंत में आपको बहुत बड़ी सीख भी दे जाती है। अकबर बीरबल की कहानियां अगर कोई पढता है तो उनको इन कहानियों से अवश्य प्रेरणा मिलती है।

ये कहानिया उस समय की है जब बादशाह अकबर के साम्राज्य में अगर कोई पेचीदा मामला आता तो बीरबल उन मामलों को अपनी बुद्धिमता और चतुराई से निपटा देते थे। इसके अलावा बादशाह अकबर बीरबल को कई तरह की चुनौतियाँ भी देते, और बीरबल उन चुनौतियों को आसानी से सुलझा लेते और बादशाह अकबर के मुख से उनके लिए हमेशा ही वाह बीरबल निकलता।

इस बात में कोई सन्देश नहीं है की अकबर बीरबल की कहानियां (Akbar Birbal Ki Kahaniya In Hindi) भले ही बहुत पुराने समय की हो, लेकिन फिर भी ये वर्तमान समय में अपना महत्व रखती है और आपको कुछ नया सीखने को मिलता है।

ये कहानियों सभी उम्र के लोगो के लिए है जो सीख देती है की बुद्धि के इस्तेमाल से एक इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता औरये कहानियां आपकी मानसिक स्तिथि को मजबूत बनाती है।

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Akbar Birbal Ki Kahaniya In Hindi

आइये इस लेख के माध्यम से जानते है अकबर बीरबल की कहानिया वो भी हिंदी में ( Akbar Birbal Ki Kahaniya In Hindi )

समय बहुत अनमोल हैं – अकबर बीरबल की कहानी

एक समय की बात है बादशाह अकबर अपने दरबार में बैठे थे तो चर्चा करने के लिए कोई ख़ास विषय नहीं था। इसलिए बादशाह अकबर ने सोचा की क्यों ना बीरबल की परीक्षा ली जाए।

बादशाह अकबर ने बीरबल को कहा की बीरबल जाओ और इस राज्य के सबसे बड़े चार मूर्खों को मेरे सामने लेकर आओ।

बीरबल ने कहा ठीक है हुज्र आप मुझे थोड़ा समय दे मैं इस राज्य के चार मुर्ख ढूंढ़कर आपके दरबार पूरी कहानी पढ़े

पहले मुर्गी आई या अंडा – अकबर बीरबल की कहानी

एक समय की बात है, बादशाह अकबर की राज दरबार लगी हुई थी कि तभी राजदरबार में एक ज्ञानी पंडित आते है। उन्होंने कहा महाराज मै आज आपसे यहा अपने कुछ सवालो के जवाब मांगने के लिए आया हूँ। कृपा कर मुझे मेरे सवालो के जवाब दे।

बादशाह अकबर ने कहा पूछो क्या सवाल पूछना चाहते हो।

लेकिन बादशाह अकबर पंडित के प्रश्नों के जवाब देने में खुद को असक्षम पाते है। जिसके बाद महाराज अपने दरबार के सलाहकार बीरबल को ज्ञानी पंडित के सवालो के जवाब देने के लिए कहते है।

राजदरबार में बैठे महाराज और सभी मंत्रीगणों को बीरबल पर पूरा पूरा विश्वास था की वे ज्ञानी पंडित के सभी सवालो का जवाब सरलता से दे देंगे। पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – बीरबल का आधा इनाम

यह उस समय की बात है जब बादशाह अकबर और बीरबल की पहली मुलाकात हुई थी। उस समय बीरबल का नाम महेश दास होता था। एक दिन बादशाह अकबर अपने राज्य के दौरे के लिए राज्य में गए हुए थे। जहा पर वे एक व्यक्ति की चतुराई देख बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने उस व्यक्ति को अपने दरबार में हाजिर होने का हुकुम दिया। इसके साथ ही बादशाह ने उस व्यक्ति की चतुराई से खुश होकर उसे अपनी एक अंगूठी भी भेट में दे दी।

वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि महेश दास था। एक दिन महेश दास ने बादशाह अकबर से मिलने का मन बनाया और सोचा की बादशाह अकबर ने मुझे खुद दरबार में आने के लिए निमंत्रण दिया है, तो मुझे जरूर जाना चाहिए। पूरी कहानी पढ़े…

कौवों की संख्या अकबर बीरबल की कहानी

एक समय की बात है जब राजा अकबर और बीरबल बगीचे में टहल रहे थे। उस दिन का मौसम बड़ा ही सुंदर था। बगीचे में एक तालाब भी था जिसके चारो और कई तरह के फूल भी खिले हुए थे। पक्षियों की मधुर आवाज से पूरा बगीचा चहक रहा था।

बादशाह अकबर और बीरबल इस नज़ारे का पूरा पूरा आनंद ले रहे थे।

पक्षियों की आवाज सुन राजा अकबर के मन में एक सवाल आया।

बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा “बीरबल क्या तुम जानते हो की हमारे राज्य में कुल कितने कौवे है ” ?

बीरबल ने जवाब दिया “महाराज ,मुझे राज्य में मौजूद कुल कौवे की संख्या की गणना के लिए कुछ   पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – गलत आदतों का एहसास

एक समय की बात है, बादशाह अकबर की राजदरबार लगी हुई थी। जिसमे बादशाह अकबर बहुत चिंतित नजर आ रहे थे। बादशाह को चिंतित देख मंत्रीगण महाराज से उनकी चिंता का कारण पूछते है, तब बादशाह अकबर बताते है कि मै अपने सहजादे की कुछ गलत आदतों से बहुत ज्यादा परेशान हूँ।

सहजादे को अंगूठा चूसने की गलत आदत है और मै अपने बेटे की इस गलत आदत को छुड़वाने के लिए कई नुस्के अपना चूका हूँ। किन्तु किसी भी नुस्के का कोई भी असर नहीं हो रहा है।

इतना सुन दरबार में बैठे मंत्रियो में से एक ने बादशाह को एक फ़क़ीर के बारे में बताया। उसने बताया की ये फ़क़ीर बहुत ज्ञानी है इनके पास हर बीमारी का इलाज है। पूरी कहानी पढ़े…

बादशाह अकबर का अजीब सपना – अकबर बीरबल की कहानी

एक समय की बात है। बादशाह अकबर रात्रि भोज के बाद सोने के लिए गए। बादशाह अकबर गहरी निंद्रा में थे कि उन्हें मध्य रात्रि में अजीब सा सपना आता है। उस सपने की वजह से बादशाह अकबर की नींद अचानक से खुल जाती है। बादशाह अकबर को अपने सपने का कोई अर्थ समझ नहीं आता। जिससे परेशान होने की वजह से राजा अकबर पूरी रात सो नहीं पाते है।

अगले दिन सुबह जब बादशाह अकबर अपनी दरबार में आते है तो सबको महाराज अकबर बहुत चिंतित नजर आते है। क्योकि बादशाह के चेहरे पर परेशानी साफ़ नजर आ रही थी।

बादशाह अकबर से दरबार में मौजूद मंत्रीगणों ने उनसे उनकी चिंता का कारण जानना चाहा।

जिसके बाद बादशाह अकबर अपने रात्रि में आए अजीब से सपने के बारे में सबको बताते है पूरी कहानी पढ़े…

जैसा सवाल वैसा जवाब – अकबर बीरबल की कहानी

इस बात का तो इतिहास गवाह है की बादशाह अकबर के सभी नवरत्नों में से बीरबल उनके प्रिये थे। और इसी बात को लेकर बहुत सारे दरबारी बीरबल से ईर्ष्या करते थे। बादशाह अकबर के दरबार में एक ख्वाजा नाम का दरबारी था।

वो अपने आप को बीरबल से ज्यादा चतुर समझता था और उसको अपनी चतुराई को लेकर काफी घमंड था। बीरबल को वो एक मुर्ख समझता था और उसको लगता था की बादशाह अकबर ने बीरबल को वैसे ही इतना ख़ास बना के रखा है। इसलिए वो चाहता था की वो बीरबल को बादशाह अकबर के सामने मुर्ख साबित करें।

इसी बात को लेकर एक दिन ख्वाजा ने बादशाह अकबर से दरबार में बीरबल से सवाल पूछने की अनुमति मांगी।

बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा की बीरबल क्या तुम ख्वाजा के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हो।

बीरबल ने कहाँ की जी हुजूर मैं तैयार हु। पूरी कहानी पढ़े…

सोने की बाली की खेती – अकबर बीरबल की कहानी

वैसे तो बादशाह अकबर के महल में बहुत सारी कीमती वस्तुएं थी जो देखने अत्यंत सूंदर थी लेकिन उनके महल में एक फूलों का गुलदस्ता था जो की बादशाह अकबर को बहुत अच्छा लगता था।

एक दिन सफाई कर्मचारी बादशाह अकबर के कक्ष की सफाई कर रहा था तो गलती से वो फूलदान निचे गिर गया और उसके टुकड़े टुकड़े हो गए।

जब बादशाह अकबर अपने कक्ष में विश्राम करने के लिए आये तो उनको वो फूलदान दिखाई नहीं दिया। तब उन्होंने अपने सेवादारों से उस फूलदान के बारे में पूछा तो एक सेवक ने जवाब देते हुए कहा की महाराज जब सफाई कर्मी आपके कक्ष में आया था तो फूलदान यही पे रखा हुआ था।

बादशाह अकबर ने तुरंत दरबार बुलाया और कहा की सफाई कर्मी को तुरंत राजदरबार में पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – संसार की सबसे बड़ी चीज

एक समय की बात है बादशाह अकबर अपने मंत्रीगणों और अन्य दरबारियों के साथ अपने दरबार में बैठे थे और उस दिन दरबार में बीरबल मौजूद नहीं था। बादशाह अकबर बीरबल और उनकी चतुराई के दीवाने थे।

उस दिन बीरबल को दरबार में ना देखकर अन्य दरबारी ने बीरबल की बुराई बादशाह अकबर के सामने करनी शुरू कर दी । किसी ने बीरबल के बारे में कुछ कहा और किसी ने कुछ। एक ने कहा की हुजूर आपने बीरबल को वैसे ही इतना ख़ास बना रखा है ऐसा कोई काम या सवाल नहीं है जिसको हम नहीं कर सकते।

बादशाह अकबर ने कहा की बीरबल तुम सबसे ज्यादा चतुर है और इसी वजह से वो मेरे लिए ख़ास है। बीरबल हमेशा मेरे साम्राज्य की भलाई चाहता है और वो एक सच्चा हितैषी है।

अगर तुम अपने आप को बीरबल से ज्यादा चतुर समझते हो तो मेरे एक सवाल का जवाब दो। पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – असली माँ कौन?

एक समय की बात है, महाराज अकबर की दरबार लगी हुई थी, जिसमे बादशाह अकबर, बीरबल और सभी मंत्रीगण मौजूद थे। तभी महाराज का एक दूत ये सन्देश लेकर आता है की महाराज आपसे दो महिलाए भेट करना चाहती है।

महाराज अकबर उन महिलाओ को अंदर आने की अनुमति दे देते है। उनमे से एक महिला की गोद में एक नन्हा बच्चा था। दोनों महिलाए उस बच्चे को अपना बता रही थी और एक दूसरे से लड़ाई कर रही थी।

दोनों महिलाओ का यही कहना था “कि वो उस बच्चे की असली माँ है “।

बादशाह अकबर ने दोनों महिलाओ की बात बड़ी ध्यान से सुनी। लेकिन वह इस बात का निर्णय नहीं कर पा रहे थे की इस बच्चे की असली माँ कौन है। कौन सच बोल रही है और कौन झूठ पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – उम्र बढ़ाने वाला पेड़

बादशाह अकबर ने अपनी प्रजा का बहुत ध्यान रखते थे जिस वजह से उनके साम्राज्य की लगातार उन्नति हो रही थी। बादशाह अकबर के नवरत्नों की चर्चा भी आस पास के सभी राज्यों में थी।

लेकिन तुर्किस्तान के बादशाह को बादशाह अकबर की ये ख्याति बिलकुल भी पसंद नहीं आ रही थी। उनको जलन हो रही थी, की बादशाह अकबर के साम्राज्य का विकास कैसे हो रहा है। इसलिए वो बादशाह अकबर को नीचे दिखाना चाहते थे। बादशाह अकबर को निचा दिखने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई। उन्होंने एक सन्देश के साथ अपने दूतों और सिपाहियों को बादशाह अकबर के दरबार में भेजा।

तुर्किस्तान के बादशाह का सन्देश इस प्रकार था : पूरी कहानी पढ़े…

आम का पेड़ – अकबर बीरबल की कहानी

एक समय की बात है, बादशाह अकबर की दरबार लगी हुई थी कि तभी उसमे राम और श्याम नाम के दो भाई आए। दोनों भाई आपस में एक आम के पेड़ का मालिक होने के लिए झगड़ा कर रहे थे।

राम ने कहा “बादशाह अकबर उस आम के पेड़ को मैंने लगाया था। “

इतने में श्याम ने कहा “नहीं बादशाह उस आम के पेड़ को मैंने लगाया था और जब उस आम के पेड़ पे फल आने शुरू हो गए तो राम मेरे आम के पेड़ को छीनना चाहता है। “

बादशाह अकबर के सामने ही दोनों भाइयो ने एक दूसरे पर चोर होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। बादशाह अकबर को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह कैसे साबित करे की उस आम के पेड़ का असली मालिक कौन है। पूरी कहानी पढ़े…

चीनी और रेत – अकबर बीरबल की कहानी

एक समय की बात है। बादशाह अकबर की दरबार लगी हुई थी। जिसमे बादशाह अकबर, बीरबल और अपने सभी मंत्रीगण सहित बैठे हुए थे। दरबार में कारवाही चली हुई थी, बादशाह अकबर राजकाज से संबंधित कुछ कार्य कर रहे थे।

इतने में ही एक सुचना आई की एक दरबारी महाराजा अकबर से मिलना चाहता है और उसके हाथ में एक मर्तबान भी है।

बादशाह अकबर सोच में डूब गए की ऐसा कौन हो सकता है जो मुझसे मिलना चाहता है और उसके हाथ में एक मर्तबान भी है, आखिर उस मर्तबान में क्या हो सकता है। पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी- बीरबल की स्वर्ग यात्रा

एक समय की बात है बादशाह अकबर ने अपनी दाढ़ी और बाल बनवाने के नाई को अपने महल में बुलवाया। नाई जब बादशाह अकबर के बाल बना रहा था तो वो उनकी तारीफ़ पे तारीफ़ कर रहा था।

नाई ने बादशाह अकबर से कहा की हुजूर क्या आप स्वर्ग में रह रहे आपके पूर्वजों की खबर लेते है। क्या आपका कभी स्वर्ग में रह रहे पूर्वजों से मिलने का या उनसे हालचाल पूछने का मन नहीं करता।

नाई की ये बात सुनकर बादशाह अकबर को बहुत आश्चर्य हुआ और बोले की बेवकूफ, बिना मरे कोई इंसान स्वर्ग में कैसे जा सकता है, ये बिलकुल भी संभव नहीं है।

उसके बाद नाई ने जवाब देते हुए कहा की जहाँपनाह, मैं एक ऐसे बाबा को जानता हु जो पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – आँखों के अंधे लोग

यह उस समय की बात है जब अकबर बीरबल एक साथ बैठे हुए थे और किसी विषय पर चर्चा कर रहे थे। तभी बादशाह अकबर कहते है की “बीरबल क्या तुम जानते हो इस दुनिया में एक प्रतिशत लोग अंधे है।”

बादशाह की इस बात से बीरबल सहमत नहीं थे। इसीलिए बीरबल कहते है “महाराज इस विषय में मुझे नहीं लगता की आपकी राय सही है। मुझे तो ऐसा लगता है की इस दुनिया में अन्धो की संख्या देखने वाले लोगो की संख्या से ज्यादा है।

बीरबल की ऐसी बात सुन राजा अकबर चौक गए। और कहा “ऐसा कैसे हो सकता है बीरबल” ?

बादशाह अकबर ने बीरबल की तरफ देखा और फिर कहा की जब हम अपने आस पास के लोगो को पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – बीरबल की खिचड़ी

एक समय की बात है, सर्दियों का मौसम था, बादशाह अकबर और बीरबल एक तालाब के पास टहल रहे थे। बादशाह अकबर ने अपनी ऊँगली उस तालाब के पानी में डाली तो उनकी ऊँगली एकदम से जम गई।

ये देखकर बादशाह अकबर ने बीरबल को कहा की ठण्ड बहुत है और मुझे नहीं लगता की इतनी ठण्ड में कोई व्यक्ति इस तालाब में रात भर ठहर सकता है।

तब बीरबल ने कहा की जहापनाह ऐसा बिलकुल भी नहीं है , ऐसे बहुत सारे लोग है जो पैसे के लिए किसी भी चुनौती को पार कर देते है।

बीरबल की कही हुई बात को साबित होता हुआ देखने के लिए बादशाह अकबर ने यह घोषणा करवाई की जो भी व्यक्ति इस तालाब में रात भर खड़ा हो जायेगा उसको एक हज़ार सोने के सिक्के दिए जायँगे पूरी कहानी पढ़े…

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अकबर बीरबल की कहानी – चोर की दाढ़ी में तिनका 

एक समय की बात है बादशाह अकबर की अंगूठी कहीं गुम हो जाती है। अंगूठी के खो जाने के बाद बादशाह अकबर काफी परेशान हो जाते है क्यूंकि वो अंगूठी बादशाह के लिए कोई ख़ास अंगूठी होने साथ साथ एक काफी पुरानी अंगूठी भी थी।

बादशाह अकबर और उसके सेवको ने काफी तलाशी ली लेकिंन अंगूठी कही नहीं मिल पाई। अंगूठी ना मिलने की वजह से बादशाह अकबर काफी उदास हो गए।

जब बादशाह अकबर दरबार में उदास मन से बैठे थे तो बीरबल ने बादशाह अकबर से उनकी उदासी की वजह पूछी, बादशाह अकबर ने उनको अंगूठी खो जाने वाली बात बताई।

बीरबल ने पूछा की हुजूर आपने अंगूठी को कब लिया था और उसको कहाँ रखा था पूरी कहानी पढ़े…

ईरान से आया एक अनोखा तोहफा (अकबर बीरबल की कहानी )

एक समय की बात है, जब बहुत सर्दिया का समय था, बादशाह अकबर की दरबार लगी हुई थी की तभी ईरान के राजा का एक दूत्त एक तोहफा लेकर आता है जिसे ईरान के राजा ने बादशाह अकबर के लिए भेजा था।

उस तोहफे में एक मोम का बना हुआ शेर का पुतला था जो की एक पिंजरे में कैद था। ईरान देश से आए हुए उस दूत ने कहा की ईरान के राजा ने आपके लिए एक सन्देश भेजा है जिसमे लिखा है की आपको इस शेर को बिना पिंजरा खोले पिंजरे से बाहर निकाल कर दिखाना है।

बादशाह अकबर यह बात सुनकर हैरान हो गए पूरी कहानी पढ़े…

सबकी सोच एक जैसी (अकबर बीरबल की कहानी )

एक समय की बात है, राजा अकबर बहुत लम्बे समय से किसी विषय पर विचार विमर्श कर रहे थे। लेकिन बहुत समय बीत जाने के बाद भी जब उस विषय पर कोई निष्कर्ष नही निकाल पाए तो उन्होंने एक दरबार बुलाई, जिसमे बीरबल सहित सभी मंत्रीगण सम्मलित थे।

जिसके बाद राजा ने उस विषय पर राज दरबार में मौजूद सभी मंत्रीगणों से उनकी राय मांगी। फिर राज दरबार में मौजूद सभी मंत्रीगणों ने एक एक करके अपनी राय राजा के सामने रखी। राजा सबके विचार सुन बहुत ज्यादा हैरान थे क्योकि एक विषय पर सबकी एक दूसरे से अलग अलग राय थी।

राजा ने कहा “ऐसा कैसे हो सकता है पूरी कहानी पढ़े…

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अकबर बीरबल की कहानी – कुएँ का पानी

एक समय की बात है बादशाह अकबर के राज्य में एक किसान रहता था और उसका निर्वाह उसकी खेती पर ही निर्भर था। उसके खेत के पास एक कुआँ था जो की एक व्यापारी का था।

किसान ने बड़ी मेहनत से धन इकठा किया और एक व्यापारी से उस कुँए को खरीद लिया ताकि वो आसानी से खेती कर पाएं।

एक दिन जब किसान कुँए से पानी लेने के लिए गया तो व्यापारी ने उसको पानी लेने से मना कर दिया। जब किसान ने कहा की आप मुझे पानी लेने से मना नहीं कर सकते क्यूंकि मैंने ये कुआँ आपसे ख़रीदा है। तब व्यापारी कहता है की मैंने आपको सिर्फ कुआँ बेचा है ना की इसका पानी , इसलिए तुम इस कुँए से पानी नहीं ले सकते पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – बड़ी लकड़ी और छोटी लकड़ी

एक समय की बात है बादशाह अकबर और बीरबल शाही बाग़ में टहल रहे थे क्यूंकि उस दिन का मौसम बहुत सुहावना था। बादशाह अकबर को चलते चलते एक बड़ी लकड़ी का टुकड़ा दिखाई दिया और उसको देखकर उनके दिमाग में एक सवाल आया।

बादशाह अकबर ने तुरंत बीरबल को कहाँ की बीरबल तुम इस बड़ी लकड़ी के टुकड़े को बिना काटे छोटा करके दिखाओं।

बादशाह अकबर का ये सवाल सुनकर बीरबल मंद मंद मुस्कुराये और बोले की जहाँपनाह आप आज फिर मेरी बुद्धिमत्ता की परीक्षा लेना चाहते है पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – असली चोर कौन

एक समय की बात है बादशाह अकबर के राज्य में एक बहुत ही धनि व्यापारी था, जिसके पास धन की कोई कमी नहीं थी। उसके पास इतना धन था की उसने अपने घर में काम करने के लिए 10 नौकरों को रखा था।

एक बार व्यापारी को किसी काम के चलते दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था तो उस समय वो अपने घर की जिम्मेवारी उन् नौकरों पर छोड़ देता है। जब वो काम पूरा करके वापिस घर आता तो देखता है की उसकी तिजोरी खाली पड़ी है और घर में रखा हुआ कीमती सामान भी गायब है।

व्यापारी समझ जाता है की उसके घर में चोरी हुई है। वो अपने सभी नौकरों को बुलाता है और पूछता है की जब चोरी हो रही थी तो तुम सब कहाँ थे पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – एक जादू वाला गधा

एक बार की बात है बादशाह अकबर की पत्नी का जन्मदिन आने वाला था तो उन्होंने अपनी पत्नी के लिए एक शानदार उपहार लेने के लिए सोचा। बादशाह अकबर ने उनकी पत्नी को उनके जन्मदिन पर तोहफे के रूप में एक नौलखा हार दिया जो की रानी को बहुत पसंद आया। जन्मदिन वाले जश्न में बादशाह अकबर की पत्नी ने वो हार पहना और देर रात उसको निकाल कर एक संदूक में रख दिया।

बहुत दिनों के बाद बादशाह अकबर की पत्नी ने किसी ख़ास मौके पर हार को फिर से पहने के लिए सोचा। जब उसने हार निकालने के लिए संदूक को खोला तो उन्होंने देखा की हार वहा से गायब है। बादशाह अकबर की पत्नी ने पुरे संदूक की अच्छे से तलाशी ली लेकिन वो नौलखा हार उनको कहीं नहीं मिला पूरी कहानी पढ़े…

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धोखेबाज़ काजी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार राजा अकबर की दरबार लगी हुई थी, जिसमे बड़े ही गंभीर मामले पर चर्चा हो रही थी। जिससे सम्भंदित बादशाह अपने मंत्रीगणों से सलाह मशवरा कर रहे थे कि तभी राज दरबार में एक किसान अपनी फर्याद लेकर पहुँचता है।

किसान दरबार में आते ही कहने लगता है “न्याय करे महाराज न्याय करे, मुझ गरीब के साथ धोखा हुआ है”।

इतना सुनते ही महाराज ने अपनी पहली विषय की चर्चा को बंद कर दिया और किसान को कहा तुम्हे न्याय अवशय मिलेगा। लेकिन उससे पहले तुम्हारे साथ जो हुआ है उस विषय में मुझे विस्तार से बताओ।

महाराज की इतनी बात सुन किसान ने एक लम्बी सास ली और आपबीती बतानी शुरू कर दी पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – बादशाह अकबर और एक तोता

बादशाह अकबर एक महान राजा होने के साथ साथ एक दयालु व्यक्ति भी थे। उनको जानवरो के प्रति भी बहुत लगाव था। एक दिन बादशाह अकबर अपने मंत्रियों के साथ बाज़ार भ्रमण पर निकले थे। अकबर ने बाज़ार में एक तोते बेचने वाले को देखा। उसके पास एक बहुत ही प्यारा तोता था और जिसकी वाणी बहुत मधुर थी। बादशाह अकबर को वो तोता बहुत पसंद आ गया।

इसलिए बादशाह अकबर ने उस तोते को खरीदने का निश्चय किया और तोते के मालिक को मुँह मांगी किम्मत देकर उस तोते को अपने राजमहल में ले आये।

जब भी राजा अकबर उस तोते से कोई भी सवाल पूछते तो वो बड़ी मधुरिता के साथ राजा के पूरी कहानी पढ़े…

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अकबर बीरबल की कहानी- सबसे बड़ा शस्त्र

बादशाह अकबर एक महान राजा होने के साथ साथ हस्सी मज़ाक प्रवृति के व्यक्ति थे। वो हमेशा अपने दरबारियों से सरल और आसाधारण सवाल पूछा करते थे और उनके साथ मस्करी का माहौल बना कर रखते थे।

एक बार की बात है बादशाह अकबर ने अपने दरबार में सभी दरबारियों से एक प्रश्न पूछा की बताओ सबसे बड़ा शस्त्र क्या है ?

बादशाह का सवाल सुनते ही सभी दरबारी उनके सवाल का जवाब देने लग गए। किसी ने कहा की हुजूर तलवार सबसे बड़ा शस्त्र है तो किसी ने भाले को सबसे बड़ा शस्त्र बताया। कोई कह रहा की हुजूर तीर कमान से बड़ा कोई शस्त्र है ही नहीं।

बादशाह अकबर ने कहा बीरबल की तुम बताओ की सबसे बड़ा शस्त्र क्या है पूरी कहानी पढ़े…

जितनी चादर उतने पैर पसारने चाहिए (अकबर बीरबल की कहानी)

क दिन बादशाह अकबर की दरबार के लिए बीरबल को आने में देर हो जाती है। इस मौके का फायदा उठाते हुए अन्य दरबारी जो बीरबल से इर्ष्या करते है वह बादशाह अकबर को बीरबल के बारे में बुरा भला बोलना शुरू कर देते है।

उन्होंने बादशाह को कहा की आप बीरबल के चक्कर में फस गए है। बीरबल अपने आपको बड़ा चतुर बताता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। वो केवल आपको अपनी बातो के जाल में उलझा कर रखता है। बादशाह अकबर इतनी बाते सुनते ही समझ गए थे कि “इन सभी दरबारियों को बीरबल कि चतुराई से इर्ष्या होती है पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – दो गधों का बोझ

एक समय की बात है की बादशाह अकबर और सहजादे ने वेश बदलकर अपने राज्य के भ्रमण की योजना बनाई और वो चाहते थे की बिना किसी को कोई खबर करें वो ऐसा करें। लेकिन फिर उन्होंने सोचा की क्यों ना बीरबल को भी साथ में ले लिया जाए।

बादशाह अकबर ने बीरबल को अपने पास बुलवाया। बीरबल तुरंत बादशाह अकबर के सामने हाजिर हो गया और फिर बादशाह अकबर ने उनको अपनी राज्य भ्रमण की योजना बताई। इस योजना के लिए बीरबल ने भी हामी भर दी और बादशाह अकबर ने बीरबल को भी वेश बदलकर चलने के लिए कहा ।

अगले ही सुबह बादशाह अकबर, सहजादा और बीरबल वेश बदलकर पूरी कहानी पढ़े…

अकबर बीरबल की कहानी – आधी धूप आधी छाँव

एक समय की बात है जब बादशाह अकबर को बीरबल की किसी बात को लेकर बहुत गुस्सा आया था तो उन्होंने बीरबल को राज्य से बाहर जाने का आदेश दे दिया।

अपने बादशाह के आदेश का पालन करते हुए बीरबल बादशाह अकबर के राजदरबार और राज्य को छोड़कर चला जाता है और पास के ही किसी राज्य में अपना वेश बदलकर रहने लगता है। बीरबल दूसरे राज्य में एक ब्राह्मण के वेश में रहता है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है की बीरबल बादशाह अकबर के बहुत प्रिये थे। कुछ समय के बाद जब अकबर का गुस्सा शांत होता है तो उनको बीरबल की याद आती है पूरी कहानी पढ़े…

Akbar Birbal Ki Kahaniya In Hindi

अकबर बीरबल की कहानी – दूज का चांद

एक बार की बात है बीरबल इराक जाने के लिए काफी उत्सुक था क्यूंकि बीरबल को दूसरे देश की संस्कृति, उनके रहन -सहन , आदि जानने में बहुत उत्सुकता रहती थी ।

अपनी इसी उत्सुकता को पूरा करने के लिए बीरबल एक दिन सुबह सुबह अपने साथ कुछ सिपाहियों को लेकर इराक की ओर चल पड़ा।

बीरबल की बुद्धिमता के काफी चर्चे थे तो इराक में बीरबल की खूब खातिरदारी हुई ओर इराक के बादशाह ने बीरबल ले अपनी राजनीती ओर अपनी प्रजा की समस्याओं को लेकर काफी राय भी मांगी पूरी कहानी पढ़े…

दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा (अकबर बीरबल की कहानी)

 यह उन दिनों की बात है जब राजा अकबर के घर एक नन्हे खूबसूरत बच्चे का जन्म हुआ था। राजा अकबर अपने सहजादे के आने से बहुत ज्यादा खुश थे। राजा अकबर अपने सहजादे से इतना प्रेम करते थे कि उनके मन में यह विचार आया की वो अपने सहजादे को क्यू ना दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा घोषित कर दे।

ऐसा सोचकर राजा ने अगले दिन दरबार बुलाई जिसमे सभी मंत्रीगण उपस्थित थे। राजा अकबर अपने सहजादे के साथ दरबार में पहुंचते है। सहजादा राजा की गोद में बड़े मजे से खेल रहा था। सहजादे को देख सभी मंत्रीगण सहजादे को दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा बताते है और उनकी तारीफ करना शुरू कर देते है।

राजा अकबर मंत्रीगण की बाते सुनकर बहुत खुश होते है और कहते है की क्या सहजादे को आज से दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा घोषित कर दिया जाए पूरी कहानी पढ़े…

हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा सांझा की गई Akbar Birbak Ki Kahaniya In Hindi का कहानी संग्रह आपको बेहद पसंद आया होगा।

इसे अपने दोस्तों, परिवारजनों, रिश्तेदारों आदि के साथ शेयर जरूर करें। आपको यह कहानियां कैसी लगी और आपकी सबसे पसंदीदा कहानी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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