दोस्तों आज के इस लेख में हम आपके लिए लाये है Tongue Twisters In Hindi, जिस प्रकर से हमारे दिमाग की क्षमता को बढ़ाने के लिए Brain Teasers होते है उसी प्रकार हमारी आवाज के लिए Tongue Twisters महत्वपूर्ण है। इन् Tongue Twisters की मदद से आप अपनी आवाज को बेहतर बना सकते है। अगर आप बात करते समय अटक जाते है या फिर हकलाते है तो Tongue Twisters के अभ्यास से आप अपनी आवाज को सुधार सकते है और अपने Confidence को बढ़ा सकते है। असल में Tongue Twisters से हमारी जीभ का अभ्यास होता है और निरंतर अभ्यास से हमारी जीभ सही दिशा में चलने लगती है। इसलिए हम आज आपको निचे Tongue Twisters In Hindi दे रहे है।

Table of Contents

Funny Tongue Twister

जोजो को खोजो, खोजो जोजो को।
जो जोजो को ना खोजो तो खो जाए जोजो।।

भगवान ने भेजे को भेजा पर ऐसे भेजे को क्यों भेजा,
जिसमें भेजा हीं नहीं भेजा।

पके पेड़ पर पका पपीता, पका पेड़ या पका पपीता।
पके पेड़ को पकड़े पिंकू, पिंकू पकड़े पका पपीता।।

tongue twisters in hindi

समझ समझ के समझ को समझो, समझ समझना भी एक समझ है।
समझ समझ कॆ जो ना समझे, मेरी समझ मे वो ना समझ है।।

एक ऊँचा ऊँट है, पूँछ ऊँची ऊँट की।
पूँछ से भी ऊँची क्या, पीठ ऊँची ऊँट की ।।

best tongue twisters

नजर को नजर की नजर से यूँ न देखो।
नजर को नजर की नजर लग जाएगी।।

खड्ग सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियाँ।
खिड़कियों के खड़कने से खड़कता है खड्ग सिंह।।

डाली – डाली पर नजर डाली, किसी ने अच्छी डाली, किसी ने बुरी डाली।
जिस डाली पर मैंने नजर डाली, वो डाली किसी ने तोड़ डाली।।

tongue twisters for kids

उड़ी चिड़ी ऊँची, चिड़ी उड़ी ऊँची ।

चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चाँदनी चौक पर,
चाँदनी रात में चाँदी के चम्मच से चटनी चटाई।।

चंदा चमके चमचम, चीखे चौक्कना चोर।
चींटी चाटे चीनी, चटोरी चीनी खोर।।

tongue twisters in hindi
Tongue Twisters

चार कचरी कच्चे चाचा चार कचरी पक्के,
पक्की कचरी पक्के चाचा कच्ची कचरी पक्के।

Tongue Twisters In Hindi For Kids

कच्चा काँच, पक्का पाँच।

राधा की बूनी में नीबू की धारा।

नदी किनारे किराने की दुकान।

खो खो खेल के खेल खेल में खो गए।

ले नियम, दे नियम, दे नियम, ले नियम।

गया गया को गया मगर गया गया न गया।

पक पका पक, पका पक पक पका पक।

नीली रेल, लाल रेल, नीली रेल, लाल रेल।

कच्ची रोटी खाके रोती, रोटी खाके कच्ची रोती।

लपक बबुनिया लपक, अब ना लपकबे तो लपकबे कब।

बबूल पर बुलबुल, बुलबुल बबूल पर।

मैंने उस मोड़ पर मोर को मुड़ते देखा।

जुगनू जू जून में जूनून से जाएगी।

राजा गोप गोपाल गोपग्गम दास।

पीतल के पतीले मे पका पपीता पीला पीला।

काला कबूतर सफेद तरबूज,
काला तरबूज सफेद कबूतर।

नंदू के नाना ने नंदू की नानी को नंद नगर मे नागिन दिखाई।

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दोस्तों मैं आशा करता हु की आपको यह लेख जरूर पसंद आया होगा। ऐसे ही मज़्ज़ेदार कंटेंट पढ़ने के लिए हमारी इस ब्लॉग से जरूर जुड़े रहिये। धन्यवाद !

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